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लोकलुभावन रेल बजट के दिन गए, मुफ्त नहीं मिलेगी रेल सेवाएं

टीम डिजिटल/ ( दैनिक उजाला, लुधियाना) | Dec 22, 2015 09:40 AM
Reported By : त्रिकेश त्रिखा, लुधियाना

अपने पहले संयुक्त बजट को पेश करने से पूर्व वित्तमंत्री जेटली ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि रेलवे की सेवाओं के लिए जनता को धन खर्च करना पड़ेगा। कोई भी सेवा फ्री नहीं होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें जनता को सब्स‌िडी देकर लोकलुभावन बजट देती रहीं हैं।

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान देखा गया है कि सिर्फ जनता में लुभाने के ‌लिए रेलवे का इस्तेमाल किया गया, उसे एक संस्‍थान की तरह न चलाकर घाटे की ढकेला गया है। अब ऐसा नहीं होगा। जेटली सीआईआई के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। जेटली ने नॉन-कोर कार्यों को आउटसोर्स करने के लिए भी जोर दिया। उन्होंने कहा रेलवे का मुख्य कार्य नई-नई ट्रेनें चलाना है न ही नॉन कोर सेवाएं देना। तो दुनियाभर में अपनाए गए आउटसोर्सिंग को रेलवे के नॉन-कोर हॉस्‍पिटेलिटी कार्य को आउटसोर्स करने में हर्ज क्या है।

पहले भी ऐसा देखा गया है कि पॉवर और हाइवे को आउटसोर्स करने से जनता ने पैसा देना शुरू किया और कितना फायदा देखने को मिल रहा है यह सबको पता है। गौरतलब है कि सरकार ने ‌पिछले 92 वर्षों से चली आ रही प्रथा को समाप्त करते हुए आम और रेल बजट 2017-18 को एक साथ पेश करने का फैसला लिया है।