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कुरूक्षेत्र राकेश शर्मा

जयंती पर ही क्यों याद आते है महापुरूष------महापुरूषों पर राजनीति ना करे देश के नेता ओर समाज के ठेकेदार-----------------

टीम डिजिटल/ ( दैनिक उजाला, लुधियाना) october 2, 2017 07:30 pm
Reported By :कुरूक्षेत्र राकेश शर्मा

कुरूक्षेत्र राकेश शर्मा :भारत देश में हर वर्ष ना जाने कितने महापुरूषों की जंयती मनायी जाती है ओर मनाई भी क्यों ना जाये आखिरकार देश को आजाद करवाने ना जाने कितने महापुरूषों ने अपने प्राणों की आहुति हसंते हसंते दे दी ताकि आने वाला भविष्स खुली हवाा में सांस ले सके आज केवल ओर केवल हम उन महान पुरूषों के चित्र को वर्ष में एक बार ही ढुढतें है ओर उन पर पुरूपअर्पित करके फिर उनको रख देते है अगले वर्ष के लिए शायद ये कड़वी सच्चाई होगी लेकिन आज जो हम देख रहे है शायद यही सत्य है जिससे हम किनारा नही कर सकते ओर इस इस सत्य ओर हम झुठला सकते है भारत में रहने वाला हर वो नागरिक जो इस इस देश को प्रगति ओर विकास के रास्ते पर जाते हुए देखना चाहता है। लेकिन आज महापुरूषों के नाम पर ही राजनीति हो रही है ओर समाज के ठेकेदारों से लेकर नेता तक ने इन महापुरूषों को अपने अपने हिसाब से अपना मान लिया है ओर जिस जाति धर्म ओर जाति का है वह उस महापुरूष पर राजनीति करने से बाज नही आज उसे अपने इंतजार रहता है जयंती का ताकि वह जनता के बीच उन महापुरूषों का नाम रखकर अपने आप व अपने दल को मजबूत कर सके जितना बढ़ा समाज होगा उतनी ही बढ़ी उस महापुरूष की जयंती होगी यहां तक आज प्रचलन एक ओर है कि आज समाज के लोग इन महान व्यक्तियों को अपना वशंज होने से भी फरहेज नही करते देश को आजाद करवानें वाले हजारो लाखों वीर जवान, देशभक्त जो देश के लिए कुर्बान हो गये क्या वो जात पात देख कर इस देश के लिए लड़ाईया लड़ी या फिर उन महापुरूषों ने केवल अपने अपने समाज ओर जात पात के लोगो को बचाया नही ये इतनी छोटी सोच से देश आगे नही बढ़ सकता-----आज 2 अक्तुबर है ओर आज देश को आजाद करवाने वाले दो महान व्यक्तियों का जन्मदिवस है जिसे देश में मनाया जा रहा है एक जिसने सत्य ओर अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आजाद करवाने मे अपनी भुमिका निभाई ओर दुसरे देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी जिन्होने देश के जवान ओर किसान की बात कही ओर उनके दुख ओर दर्द को समझा जिसके बाद उन्होने देशवासीयों को नारा दिया जय जवान जय किसान ताकि जब हम ये नारा लगाये तो जवान ओर किसान को याद कर सके क्योकि देश का जवान दिन रात हमारी रक्षा करता है ताकि हम अपने घरों पर चैन की नींद सो सके ओर दूसरा किसान जो दिन रात अपने खेतों का सीना चीर कर उसमें से अनाज निकालने का मादा रखता है लाल बहादुर शास्त्री ने उस दर्द ओर दुख को सालों पहले महसूस किया जब शायद जवान ओर किसान को इतनी परेशानीयों का समाना ना करना पढ़ता हो जितना आज के समय में जब हमारे नेता हर रोज किसान ओर जवान के उपर भी राजनीति कर रहे है। ओर इस लिए आज भी इन दोनों महापुरूषों पर राजनीति होगी बढ़े बढ़ पंडाल होगे नेता जी का भाषण भी तैयार होगा ओर फिर यहां भी शुरू------------------जी हां ये ही सच्चाई हम उस देश में रहने वाले समाज का हिस्सा बन कर रह गये है कि हमें इन महानपुरूषों के सहारे सोशल मिडिया से लेकर हर प्रकार के प्रचार प्रसार का माध्यम बना दिया है जिससे देश के भविष्य के साथ कुठाराघात है आप इस सच्चाई से किनारा नही कर सकते है जब देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सफाई अभियान 2 अक्तुबर को चला कर देश के लिए सौगात देने का काम किया लेकिन सालों सालों लाखों करोड़ो खर्चो करने के बाबजूद भी धरातल पर सच्चाई कुछ ओर ब्यान कर रही है हम देख रहे है अपने आस पास गांव से लेकर शहर तक जब सफाई के नाम पर फोटो खिचवाई जा रही है ओर नेता जी साफ सुथरा झाडुं उठाकर उस जगह पर सफाई अभियान चला रहे है जहां पर गंदगी या तो है नही या फिर नाममात्र ऐसे कैसे सहे का देश आज जरूरत है इस कार्यकम्र को धरा पर चलाने की जब राजनीति का शिकार ना होकर इस कार्यकम्र को रह रोज चलाये हर दिन चलाये हर उस जगह पर चलाये जहां इस कार्यकम्र की जरूरत है----आइये हम सब मिलकर एकजुट होकर इन महापुरूषों पर राजनीति ना करके समाज से उपर उठकर हर रोज देश पर अपने प्राणों केा न्यौछावर करने वाले वीरों को हर रोज नमन करे ओर ये नमन दिल से होना चाहिए ना कि फोटो खिचवाने के लिए या फिर समाज ओर देश के अपनी पहचान बनाने के लिए------