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ਧਰਮ/ਰਾਜੀਵ ਤ੍ਰਿਖਾ

ਸ਼ਹੀਦ ਭਾੲੀ ਤਾਰੂ ਸਿੰਘ ਸੇਵਾ ਸੁਸਾਇਟੀ ਦੇ ਸਮੂਹ ਮੈਂਬਰ ਸਹਿਬਾਨ ਨਗਰ ਕੀਰਤਨ ਦਾ ਸਵਾਗਤ ਕਰਦੇ ਹੋੲੇ

ਟੀਮ ਡਿਜਿਟਲ/ (ਦੈਨਿਕ ਉਜਾਲਾ ,ਲੁਧਿਆਣਾ ) nov 2, 2017 07:30 pm
Reported By : ਰਾਜੀਵ ਤ੍ਰਿਖਾ, ਲੁਧਿਆਣਾ

ਲੁਧਿਆਣਾ(ਯੋਗੇਸ਼ ਖੁੱਲਰ )ਸ਼ਹੀਦ ਭਾੲੀ ਤਾਰੂ ਸਿੰਘ ਸੇਵਾ ਸੁਸਾਇਟੀ ਦੇ ਸਮੂਹ ਮੈਂਬਰ ਸਹਿਬਾਨ ਨਗਰ ਕੀਰਤਨ ਦਾ ਸਵਾਗਤ ਕਰਦੇ ਹੋੲੇ ਤੇ ਗੁਰੂ ਸਹਿਬਾਨ ਦਾ ਅਾਸੀਰਵਾਦ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਦੇ ਹੋੲੇ ਤੇ ਸਮੂਹ ਸਾਧ ਸੰਗਤ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਦੇ ਹੋੲੇ ਇਸ ਮੋਕੋ ਤੇ ਸਮੂਹ ਮੁਹੱਲਾ ਨਿਵਾਸੀ ਤੇ ਸੁਸਾਿੲਟੀ ਮੈਂਬਰ ਮੋਜੂਦ ਸੀ ਜਿਹਨਾ ਵਿਚੋ ਤੇਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਪ੍ਰਧਾਨ ਬਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖਜਾਨਚੀ ਅਸ਼ਵਨੀ ਖੁਲੱਰ ਵਾੲੀਸ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਝੱਮਟ ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਬਿੰਦਰ ਅੰਗਰੇਜ ਸਿੰਘ ਡਾ ਵੀ. ਕੇ. ਭਾਰਤੀ ਨਿੰਰਜਨ ਸਿੰਘ ਪੰਕਜ ਕੁਮਾਰ ਅਾਸ਼ੂ ਯੋਗੇਸ਼ ਖੁਲੱਰ ਤੇ ਨਕੁਲ ਤੇ ਹੋਰ ਮੈਂਬਰ ਸਾਹਿਬਾਨ ਮੋਜੂਦ ਸਨ ਜਿਹਨਾ ਨੇ ਗੂਰੂ ਸਹਿਬਾਨ ਦਾ ਅਾਸ਼ੀਰਵਾਦ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤਾ

हिमाचल/धर्म

पंडित सिद्ध राज शास्त्री सदाशिव मंदिर धयुसर ने बताया सावन के महीने में कैसे करे शिवजी की पूजा

टीम डिजिटल/ ( दैनिक उजाला, लुधियाना) july 10, 2017 07:30 AM
Reported By : त्रिखा, लुधियाना

हिमाचल(त्रिखा)सावन का पूरा महीना ही जहां अराधना के लिए विशेष है तो वहीं 5 दिन सावन सोमवार के भी भक्तों के लिए व्रत रखने को मिलेंगे। इस मास के प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर कुछ विशेष वास्तु अर्पित की जाती है जिसे शिवामुट्ठी कहते है। 1. प्रथम सोमवार को कच्चे चावल एक मुट्ठी, 2. दूसरे सोमवार को सफेद तिल् एक मुट्ठी, 3. तीसरे सोमवार को खड़े मूँग एक मुट्ठी 4. चौथे सोमवार को जौ एक मुट्ठी और 5. यदि जिस मॉस में पांच सोमवार हो तो पांचवें सोमवार को सतुआ चढ़ाने जाते हैं। यदि पांच सोमवार न हो तो आखरी सोमवार को दो मुट्ठी भोग अर्पित करते है। माना जाता है कि श्रावण मास में शिव की पूजा करने से सारे कष्ट खत्म हो जाते हैं। महादेव शिव सर्व समर्थ हैं। वे मनुष्य के समस्त पापों का क्षय करके मुक्ति दिलाते हैं। इनकी पूजा से ग्रह बाधा भी दूर होती है। 1. सूर्य से संबंधित बाधा है, तो विधिवत या पंचोपचार के बाद लाल आक के पुष्प एवं पत्तों से शिव की पूजा करनी चाहिए। 2. चंद्रमा से परेशान हैं, तो प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर गाय का दूध अर्पित करें। साथ ही सोमवार का व्रत भी करें। 3. मंगल से संबंधित बाधाओं के निवारण के लिए गिलोय की जड़ी-बूटी के रस से शिव का अभिषेक करना लाभप्रद रहेगा। 4. बुध से संबंधित परेशानी दूर करने के लिए विधारा की जड़ी के रस से शिव का अभिषेक करना ठीक रहेगा। 5. बृहस्पति से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए प्रत्येक बृहस्पतिवार को हल्दी मिश्रित दूध शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए। 6. शुक्र ग्रह को अनुकूल बनाना चाहते हैं, तो पंचामृत एवं घृत से शिवलिंग का अभिषेक करें। 7. शनि से संबंधित बाधाओं के निवारण के लिए गन्ने के रस एवं छाछ से शिवलिंग का अभिषेक करें। 8-9. राहु-केतु से मुक्ति के लिए कुश और दूर्वा को जल में मिलाकर शिव का अभिषेक करने से लाभ होगा। शास्त्रों में मनोरथ पूर्ति व संकट मुक्ति के लिए अलग-अलग तरह की धारा से शिव का अभिषेक करना शुभ बताया गया है। अलग-अलग धाराओं से शिव अभिषेक का फल- जब किसी का मन बेचैन हो, निराशा से भरा हो, परिवार में कलह हो रहा हो, अनचाहे दु:ख और कष्ट मिल रहे हो तब शिव लिंग पर दूध की धारा चढ़ाना सबसे अच्छा उपाय है। इसमें भी शिव मंत्रों का उच्चारण करते रहना चाहिए। 1. वंश की वृद्धि के लिए शिवलिंग पर शिव सहस्त्रनाम बोलकर घी की धारा अर्पित करें। 2. शिव पर जलधारा से अभिषेक मन की शांति के लिए श्रेष्ठ मानी गई है। 3. भौतिक सुखों को पाने के लिए इत्र की धारा से शिवलिंग का अभिषेक करें। 4. बीमारियों से छुटकारे के लिए शहद की धारा से शिव पूजा करें। 5. गन्ने के रस की धारा से अभिषेक करने पर हर सुख और आनंद मिलता है। 6. सभी धाराओं से श्रेष्ठ है गंगाजल की धारा। शिव को गंगाधर कहा जाता है। शिव को गंगा की धार बहुत प्रिय है। गंगा जल से शिव अभिषेक करने पर चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है। इससे अभिषेक करते समय महामृत्युंजय मन्त्र जरुर बोलना चाहिए।

धर्म

35 साल बाद खुला सम्भल का शिव मंदिर

टीम डिजिटल/ ( दैनिक उजाला, लुधियाना) | mar 09, 2017 07:30 AM
Reported By : सुनीलशर्मा, लुधियाना

लुधियाना(सुनीलशर्मा)यू पी.के सम्भल जिले में पिछले 35 सालो में कुछ दूसरी जाति के लोगो द्वारा बंद करवा दिए गए शिव मंदिर को मुख्यमंत्री योगी ने 20 जिलो से पुलिस बल भेज कर मंदिर खुलवा दिया पहले एक सिपाही ने मंदिर में स्थापित शिव प्रतिमा पर जल चढ़ाया माहौल खराब करने के लिए कुछ 18 लोगो को पुलिस ने गिरफ्तारकर लिया कुछ लोग वहा से फरार हो गये



नौकरी करते हों या व्यवसाय, धन द‌िलाएंगे यह 10 उपाय, कोई भी आजमाएं

टीम डिजिटल/ ( दैनिक उजाला, लुधियाना) | Dec 22, 2015 09:30 AM
Reported By : त्रिकेश त्रिखा, लुधियाना

धन की देवी लक्ष्मी जी की कृपा नहीं है तो आप लाख परिश्रम करें, धनलाभ होना मुश्किल है। इसलिए सबसे पहले मन में माता लक्ष्मी के प्रति श्रद्धाभाव लाएं। कहते हैं ईश्वर भाव के भूखे होते हैं। इसलिए श्रद्धा भाव की अहमियत को कमतर न आंकें। एक ऐसी तस्वीर घर या दफ्तर में अपने काम की जगह पर लगाएं जिसमें माता लक्ष्मी भगवान विष्णु के साथ हों। इस तस्वीर को रोज नमक करें, जितनी हो सके पूजा-आराधना करें।

घर या दफ्तर में तिजोरी है तो एक छोटी पूजा की सुपारी उसमें रखना न भूलें। सुपारी माता लक्ष्मी को प्रिय है। महज एक रुपए की नन्हीं सुपारी आपके घर धनवर्षा करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

शास्त्रों के अनुसार पीपल का पेड़ लगाने से धनलाभ होता है। ज

हमारे पूर्वजों द्वारा ये बात सोलह आने आजमायी हुई है कि दान देने से कोई गरीब नहीं हो जाता। इसलिए खुद के घर सौभाग्य लाना चाहते हैं तो दान जरूर करें। ये कतई जरूरी नहीं कि आप आलीशान मंदिरों हाईटेक धर्म गुरुओं का दान करें। दान हमेशा जरूरतमंद को करे। किसी गरीब को खाना खिलाए या किसी गरीब बच्चे की पढ़ाई में मदद करें।

रोजाना माथे पर केसरिया रंग का तिलक लगाए घर से निकलें, इससे महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। थमी हुई धनवर्षा शुरू हो जाएगी।

माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जी को प्रसन्न करना सबसे आसान है। इसलिए संभव हो तो पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का जाप पढ़ें। हनुमान चालीसा शुरू करने से पहले राम स्तुति करना न भूलें।

जब भी मौका मिले मछलियों को दाना या आटा खिलाना न भूलें। इससे आप पर माता लक्ष्मी प्रसन्न तो होंगी ही, आपके बिगड़े काम भी बनने लगेंगे।

ज्योत‌िषशास्‍त्र में धन और भौत‌िक सुख प्रदान करने वाले दो ग्रह माने गए हैं एक शुक्र और दूसरे गुरु। इसल‌िए कहा जाता है क‌ि धन संबंधी परेशानी को दूर करने के ल‌िए गुरुवार और शुक्रवार का द‌िन सबसे बढ़‌िया है इसका कारण यह भी है क‌ि गुरुवार के देवता भगवान व‌िष्‍णु हैं और शुक्रवार की देवी लक्ष्मी। गुरुवार के ‌द‌िन भगवान व‌िष्‍णु की पूजा और शुक्रवार के द‌िन वैभव लक्ष्मी की पूजा के पीछे भी यही कारण है।

गुरुवार के द‌िन सुबह स्नान करके भगवान व‌िष्‍णु की पूजा करें और घी का दीपक जलाकर व‌िष्‍णु सहस्रनाम का पाठ करें।

गुरुवार के द‌िन क‌िसी सुहागन स्‍त्री को सुहाग सामग्री दान करना लाभप्रद होता है। यह उपाय शुक्रवार के द‌िन भी क‌िया जा सकता है। इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती है।

पीले रंग के वस्‍त्र धारण करें और पीला चंदन या केसर का त‌िलक करें। लाल क‌िताब के अनुसार इस उपाय से गुरु के शुभ फलों में वृद्ध‌ि होती है।

गुरुवार के द‌िन धन का आगमन अच्छा है लेक‌िन जाना अच्छा नहीं माना जाता है इसल‌िए गुरुवार के द‌िन क‌िसी से उधार लेने-देन नहीं करें।

गुरुवार और शु्क्रवार के द‌िन श्री सूक्त का पाठ धन के ल‌िए बहुत ही लाभप्रद रहता है।

भुना हुआ चना, पोहा, चावल गुरुवार के द‌िन नहीं खाना चाह‌िए। शन‌िवार के द‌िन इन्हें खाना लाभपद्र होता है।

गुरुवार के द‌िन प‌िता या घर के बड़े बुजुर्ग का आशीर्वाद लें। गुरु बड़े बुजुर्गों के स्वामी ग्रह हैं और मर्यादा पसंद करते हैं इसल‌िए इनके आशीर्वाद से गुरु का शुभ फल म‌िलता है।

ैसे-जैसे पीपल का पौधा बढ़ता है, वैसे ही धनवृद्धि भी होती जाती है। एक बात ख्याल रखें कि पीपल का पेड़ अगर लगाएं तो उसके बड़े होने तक उसकी देखभाल करना न भूलें।

शिवलिंग पर अंजुली में भरकर चावल चढ़ाने पर भी धनलाभ होने लगता है। लेकिन याद रहे कि चावल चढ़ाते वक्त पूरे चावल एकबार में ही शिवलिंग पर गिरे।

हमेशा साफ-सुथरे कपड़े पहनने की कोशिश करें। कोई जरूरी नहीं कि कपड़े नए हों, लेकिन उनका साफ होना जरूरी है।

सुबह नहाने के बाद एक सूर्यदेव को अर्घ्य देना न भूलें। इस दौरान पानी के कलश में कोई लाल रंग का पुष्प और थोड़ा सा सिंदूर ले जाए तो अच्छा रहेगा।

हमारे पूर्वजों द्वारा ये बात सोलह आने आजमायी हुई है कि दान देने से कोई गरीब नहीं हो जाता। इसलिए खुद के घर सौभाग्य लाना चाहते हैं तो दान जरूर करें। ये कतई जरूरी नहीं कि आप आलीशान मंदिरों हाईटेक धर्म गुरुओं का दान करें। दान हमेशा जरूरतमंद को करे। किसी गरीब को खाना खिलाए या किसी गरीब बच्चे की पढ़ाई में मदद करें।

रोजाना माथे पर केसरिया रंग का तिलक लगाए घर से निकलें, इससे महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। थमी हुई धनवर्षा शुरू हो जाएगी।

माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जी को प्रसन्न करना सबसे आसान है। इसलिए संभव हो तो पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का जाप पढ़ें। हनुमान चालीसा शुरू करने से पहले राम स्तुति करना न भूलें।